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लालू की सजा का बिहार की राजनीति पर क्‍या पड़ेगा असर? लिखें ब्‍लॉग

Posted On: 8 Jan, 2018 Junction Forum में

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चारा घोटाला मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को रांची की विशेष CBI अदालत ने साढ़े तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। इस फैसले के बाद अब लालू प्रसाद जमानत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। लालू के छोटे बेटे तेजस्‍वी यादव इस ओर इशारा भी कर चुके हैं। मगर इन सबके बीच बड़ा सवाल यह है कि लालू की सजा का बिहार की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है।


lalu yadav


लालू के जेल जाने के बाद पहला सवाल यह है कि अब पार्टी की बागडोर किसके हाथों में होगी। उनकी गैर-मौजूदगी में पार्टी आगे बढ़ पाएगी या फिर टूट की स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि, तेजस्वी को लालू के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाता है। वहीं, यदि इसी बीच तेजस्वी पर भ्रष्टाचार के मामले में शिकंजा कसता है, तो पार्टी और परिवार के लिए मुश्किलें और भी बढ़ जाएंगी।


लालू के जेल जाने के बाद कांग्रेस-राजद गठबंधन पर असर भी तय माना जा रहा है। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को उनसे काफी उम्मीदें थीं। दूसरी तरफ राहुल गांधी के लिए चारा घोटाला मामले में दोषी लालू की पार्टी के साथ लोकसभा चुनाव में रहना उनकी छवि के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है। हालांकि, कांग्रेस का कहना है कि उसका गठबंधन किसी व्यक्ति विशेष के साथ नहीं है।


उधर, लालू के जेल जाने के बाद अब नीतीश को एनडीए में वापसी को सही ठहराने का एक मौका मिल गया। नीतीश कह सकते हैं कि राजद के भ्रष्टाचार से वे मुक्ति चाहते थे। इन सभी स्थितियों का आपने भी आकलन किया होगा। ऐसे तमाम विचार आपके मन में भी आए होंगे। आप अपनी राय, अपने विचार ‘जागरण जंक्‍शन’ पर ब्‍लॉग के माध्‍यम से लोगों तक पहुंचा सकते हैं।


नोट- अपना ब्‍लॉग लिखते समय इतना अवश्‍य ध्‍यान रखें कि आपके शब्‍द और विचार अभद्र, अश्‍लील व अशोभनीय न हों तथा किसी की भावनाओं को चोट न पहुंचाते हों।



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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Basant Gupta के द्वारा
January 8, 2018

हजार करोड़ का चारा खा गए बस साढ़े तीन साल की जेल, दस लाख का दंड? यह तो बहुत नाइंसाफी है. अरे खटमल काट रहे हैं तो क्या हुआ, कुछ दिन तो गुज़ारो जेल में

    Basant Gupta के द्वारा
    January 15, 2018

    संपादक जी, मेरा कमेन्ट छापने के लिए धन्यवाद…..में पिछले 4-5 सालों में कई बार कमेन्ट कर चुका हूँ लेकिन पहली बार मेरा कमेन्ट छापा गया है. एक सलाह है कि यदि आपको ओनलाईन रीडरशिप बढानी है तो नव भारत टाइम्स से कुछ सीखिए. नव भारत टाइम्स में सभी कमेंट्स (जो अभद्र ना हों) छापे जाते हैं और उन कमेंट्स पर लोग लाइक और डिसलाइक भी करते हैं. इसी आधार पर  लॉयल्टी रिवार्ड पायंट्स भी मिलते हैं जिन्हे रिडीम करवाया जा सकता है. में कानपुर में रहता हूँ और पिछले लगभग 40 सालों से मेरे घर में दैनिक जागरण आता है. इसलिए जागरण से विशेष लगाव है.


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