blogid : 147 postid : 698668

Valentine Week: जाने कब कौन जिंदगी का हिस्सा बन जाए

  • SocialTwist Tell-a-Friend

प्रिय मित्रों,

‘खूबसूरत सा एक पल किस्सा बन जाता है,

जाने कब कौन जिंदगी का हिस्सा बन जाता है,

कुछ लोग जिंदगी में मिलते हैं ऐसे,

जिनसे कभी ना टूटने वाला रिश्ता बन जाता है’


जिंदगी यूं ही गुजर रही होती है पर अचानक कोई दिल के दरवाजे पर दस्तक देता है। किसी का चेहरा देखते ही आपका दिल उसकी गिरफ्त में आ गया, किसी से जिंदगी में इस कदर जुड़ाव हो गया कि अपनी जिंदगी की कल्पना उसके बगैर करने से डर लगने लगा, किसी को इस कदर चाहा कि मोहब्बत का इजहार करने से दिल डरने लगा इसलिए दूर रहकर अपने प्यार से मोहब्बत करना ही बेहतर समझा या फिर अपने दिल के भीतर किसी के लिए इस कदर प्यार समेट लिया कि भीड़ में भी आपकी मोहब्बत का ख्याल आपके दिलो-दिमाग पर हावी रहा। यदि ऐसे किसी व्यक्ति से यह कहा जाए कि अपने प्यार के नाम एक खत लिखे तो शायद हजार शब्द भी उस प्यार की गहराई को समेटने के लिए कम पड़ जाएं। इसी को ध्यान में रखते हुए जागरण जंक्शन परिवार प्यार के इस सप्ताह (7-14 फरवरी) में उन लोगों के लिए सुनहरा अवसर लेकर आया है जो अपने दिल की भावनाओं को शब्दों में बयां करना चाहते हैं।


अवधि:

7 फरवरी – 13 फरवरी, 2014 रात्रि 12 बजे तक आप इस आयोजन में भाग ले सकते हैं। तो दिल खोलकर अपनी भावनाओं को शाब्दिक रूप में इस मंच पर बयां करें और अपने प्रियजनों को उससे रूबरू कराएं।


कैसे बयां करें अपने जज्बात

  • आप अपनी भावनाएं ब्लॉग के रूप में लिख सकते हैं या इसी आमंत्रण ब्लॉग के प्रतिक्रिया कॉलम में सीधे लिखकर पोस्ट भी कर सकते हैं।
  • ब्लॉगिंग रूप में अपनी प्रतिक्रिया पोस्ट करने के बाद अपने ब्लॉग पोस्ट का लिंक इसी ब्लॉग के प्रतिक्रिया कॉलम में जाकर अवश्य प्रकाशित कर दें। जो भी ब्लॉगर या यूजर सीधे रिप्लाई/प्रतिक्रिया कॉलम में जाकर लिख रहे हैं उनके लिए लिंक पेस्ट करने की जरूरत नहीं होगी।

कैसे करें लिंक पेस्ट

अपने ब्लॉग को पब्लिश करने के बाद उसे खोलें या अपने एडमिन में भी व्यू/व्यू पोस्ट को खोलकर सबसे ऊपर (नीली पट्टी के नीचे) ब्राउजर पर मौजूद लिंक पर एक क्लिक करें। वह सेलेक्ट (नीली) हो जाएगी। उसी लिंक को कॉपी कर इस ब्लॉग के प्रतिक्रिया कॉलम में जाकर पेस्ट कर दें।


सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाले जज्बातों को हम करेंगे सम्मानित

  • यूं तो भावनाओं को किसी भी पैमाने पर मापा नहीं जा सकता है किंतु क्योंकि इस आयोजन का आशय भावनाओं की बेहतरीन अभिव्यक्ति को बढ़ावा देना है इसलिए संपादक मंडल के दिल को छू लेने वाली अनुशंसित पांच सर्वश्रेष्ठ अभिव्यक्तियों को ब्लॉगर की तस्वीर सहित मंच के मुख्य पृष्ठ पर वैलेंटाइन डे के दिन (14 फरवरी) प्रदर्शित किया जाएगा।
  • इसमें यह महत्वपूर्ण है कि संपादक मंडल द्वारा पांच सर्वश्रेष्ठ अभिव्यक्तियों का चयन लेख या टिप्पणी में साहित्यिक आधारों पर न करते हुए अभिव्यक्ति के मनोरंजक तथा भाव प्रखर होने के आधार पर किया जाएगा।

सावधानी: अपना ब्लॉग लिखते समय इतना अवश्य ध्यान रखें कि आपके शब्द और विचार अभद्र, अश्लील और अशोभनीय ना हों तथा किसी की भावनाओं को चोट ना पहुंचाते हों.


नोट: नए पाठक यहां क्लिक कर इस मंच पर रजिस्टर कर सकते हैं


धन्यवाद

जागरण जंक्शन परिवार

Web Title : valentine week blog invitation



Tags:               

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (4 votes, average: 4.75 out of 5)
Loading ... Loading ...

58 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

drshyamgupta के द्वारा
February 18, 2014

कविता , प्रविष्टि, नीम के नीचे…

chandani के द्वारा
February 14, 2014

खूबसूरत सा एक पल किस्सा बन जाता है, जाने कब कौन जिंदगी का हिस्सा बन जाता है, कुछ लोग जिंदगी में मिलते हैं ऐसे, जिनसे कभी ना टूटने वाला रिश्ता बन जाता है

shubhaaruni के द्वारा
February 11, 2014
shubhaaruni के द्वारा
February 11, 2014

“कहानी जमीं और आसमान की ” (वैलेंटाइन कांटेस्ट)

kavita1980 के द्वारा
February 10, 2014
kavita1980 के द्वारा
February 10, 2014

का भूले जाते हो – Pasted from एक अहसास -पहले प्यार के नाम — इक रूमानियत सी जहन पे तारी है ,सपनों की दुनिया में जी रही हूँ मैं  सीने में इक हूक सी उठती है कभी- तो लगता है कि जैसे तेरा खयाल आ गया ; इक उलझन सी है खायालों में ,इक ख़लिश सी जगी है सीने में ; इस उलझन ,इस ख़लिश को नाम दूँ तो क्या -? निगाह तेरी खयालात भी तेरे हैं —- चाहती हूँ कि न देखूँ तेरी जानिब ,मगर मुश्किल है — जब भी कुछ सरगोशी सी होती है ,तो लगता है कि तू आ गया  नही होता है जब तू मेरे आसपास ,निगाहों को तलाश रहती है तेरी  और जब होता है मेरे सामने ,निगाहें क्यों झुकी सी जाती हैं -? पलकों में तेरे सपने और दिल को तेरी चाहत है ज़रूर, ज़िंदगी भर हमसफर बन के चलने का खयाल भी है साथ-साथ ; कितना मुश्किल है ;उफ –ये दिल को समझा पाना कि ;सब्र कर — इस वक़्त तो ;सिर्फ = रूमानियत सी ज़हन पे तारी है और सपनों कि दुनिया में जी रही हूँ मैं ।

satyam keshaw के द्वारा
February 10, 2014

हुआ था प्यार मुझको भी एक तितली से एक बार उसके रंग बिरंगे आयामो से उसके घूमते फिरते रूपो से चाहत थी उसे दिल के गुलदस्ते में सजाने की चाहत थी उसे अपना वैलेंटाइन बनाने की पर तितली को तो उड़ना ही मंजूर था एक डाल से दूसरी डाल पर फूलो से फूलो तक भंवरो के साथ इठलाने को सो हमको छोड़ दिया उसने पतझड़न मे मुरझाने को कुछ कहना था सायद उससे कुछ सुनना था सायद उससे पर वो वहाँ नही थी कहने सुनाने को उड़कर एक डाली से दूसरी पर बैठ गयी वो इतराकर हॅस कर देखा मेरी तरफ एक बार पंखो को फड़फड़ाकर झर रहे थे मोती वंहा पर उसके चारो तरफ इतराकर हाल मेरा था जुदा कुछ इश्क़ में उसके खुद को दफना कर हुआ था प्यार मुझको भी मेरी अंजुमन के आसियंा पर

drshyamgupta के द्वारा
February 9, 2014

  ग़ज़ल- आपने क्या किया —— दिए जलने लगे आपने क्या किया , दिल मचलने लगे आपने क्या किया | अपनी मासूम दुनिया में खोये थे हम, ख्याल में आगये आपने क्या किया | अपनी राहों में थे हम चले जा रहे , आप क्यों मिल गए आपने क्या किया | खुद की चाहत में दिल अपना आबाद था, आस बन आ बसे आपने क्या किया | जब खिलाये थे वे पुष्प चाहत के तो, फेर रुख चलदिये आपने क्या किया | साथ चलते हुए आप क्यों रुक गए, क्यों कदम थम गए आपने क्या किया | श्याम’ अब कौन चाहत का सिजदा करे, नाखुदा बन गए आपने क्या किया

Gaurav Pandey के द्वारा
February 9, 2014

जो तुम आ जाओ एक बार जी जायेंगे सपने हजार फिर एक फूल खिल उठेगा दिल में उमंग सी चहकेगी सब पछी सरगम गायेंगे रातों में चांदनी महकेगी तुम ही सन्दर्भ, तुम होगी सार जो तुम आ जाओ एक बार जी जायेंगे सपने हजार होगी जो बारिश की रिमझिम और तेरी पायल की छम-छम तब अम्बर भी आ जायेंगे फिर और घटा भी छाएगी जो साँसों को महकाएगी तुम ही जीवन के आर-पार जो तुम आ जाओ एक बार जी जायेंगे सपने हजार पर सोच समझ कर आना तुम ना मन में बहुत हर्षाना तुम जो एक बार आ जाओगी वापस ना फिर जा पाओगी ना करो ह्रदय पर तुम प्रहार जो तुम आ जाओ एक बार जी जायेंगे सपने हजार

noorie के द्वारा
February 8, 2014

i love

drshyamgupta के द्वारा
February 8, 2014

          -दो पल– राह में दो पल साथ तुम्हारे, बीते उनको ढूढ रहा हूँ | पल में सारा जीवन जीकर, फिर वो जीवन ढूंढ रहा हूँ | उन दो पल के साथ ने मेरा, सारा जीवन बदल दिया था | नाम पता कुछ पास नहीं पर, हर पल तुमको ढूंढ रहा हूँ | तेरी चपल सुहानी बातें, मेरे मन की रीति बन गयीं | तेरे सुमधुर स्वर की सरगम, जीवन का संगीत बन गयीं | तुम दो पल जो साथ चल लिए, जीवन की इस कठिन डगर में । मूक साक्षी बनीं जो राहें , उन राहों को ढूंढ रहा हूँ | पल दो पल में जाने कितनी, जीवन-जग की बात होगई | हम तो चुप-चुप ही बैठे थे, बात बात में बात होगई | कैसे पहचानूंगा तुमको, मुलाक़ात यदि कभी होगई | तिरछी चितवन और तेरा, मुस्काता आनन् ढूंढ रहा हूँ | मेरे गीतों को सुनकर, वो तेरा वंदन ढूंढ रहा हूँ | चलते -चलते तेरा वो, प्यारा अभिनन्दन ढूंढ रहा हूँ |                                     —– डा श्याम गुप्त ..

rekhafbd के द्वारा
February 8, 2014
rekhafbd के द्वारा
February 8, 2014

पिया का घर -कविता http://rekhafbd.jagranjunction.com/wp-admin/post.php?action=edit&post=२७०

February 8, 2014

पुलकित मन का कोना कोना, दिल की क्यारी पुष्पित है. अधर मौन हैं लेकिन फिर भी प्रेम तुम्हारा मुखरित है. मिलन तुम्हारा सुखद मनोरम लगता मुझे कुदरती है, धड़कन भी तुम पर न्योछावर हरपल मिटती मरती है, गति तुमसे ही है साँसों की, जीवन तुम्हें समर्पित है, अधर मौन हैं लेकिन फिर भी प्रेम तुम्हारा मुखरित है. चहक उठा है सूना आँगन, महक उठी हैं दीवारें, खुशियों की भर भर भेजी हैं, बसंत ऋतु ने उपहारें, बाकी जीवन पूर्णरूप से केवल तुमको अर्पित है, अधर मौन हैं लेकिन फिर भी प्रेम तुम्हारा मुखरित है. मधुरिम प्रातः सुन्दर संध्या और सलोनी रातें हैं, भीतर मन में मिश्री घोलें मीठी मीठी बातें हैं, प्रेम तुम्हारा निर्मल पावन पाकर तनमन हर्षित है, अधर मौन हैं लेकिन फिर भी प्रेम तुम्हारा मुखरित है. (अरुन शर्मा ‘अनन्त’)

Manish Pandey के द्वारा
February 8, 2014

बात उन लम्हों की… जब पहली बार मिली पिया से नज़र उनका अनमोल प्यार मेरे दिल में बसा एक अजब सी कशिश है उनसे नजदीकियों में, छा गया मेरे मन पे उनके प्यार का कहकशां, जैसे ही उन्होंने मेरी तरफ हाथ बढ़ाया लगा कि सागर नदी की लहरों में ही जा बसा। जैसे ही उन्होंने मेरे तन को छुआ मन पर छा गया उनके प्यार का नशा जैसे ही हुआ मेरा आलिंगन मेरे पिया से मदहोश हो गयी पवन और रिमझिम सावन बरसा मेरा और उनका प्रेम हमेशा बना रहे है रब से दुआ कि खुशियों से भरा रहे हमारा संसार ये पवित्र बंधन हमेसा फलता रहे जो है प्यार के मोती में गुथा हुआ सा मैं तो रंगी हूँ आपके प्यार के रंग में और रहूंगी मैं यूं ही आपके साथ सदा।

Manish Pandey के द्वारा
February 8, 2014

बात उन लम्हों की…http://pdmanas.jagranjunction.com/2014/02/07/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A4-%E0%A4%89%E0%A4%A8-%E0%A4%B2%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%87/

dinesh kumar shukla के द्वारा
February 8, 2014

आज भी राह तकी थी हमने आज भी नींद नहीं आई रात भर रात यूँ ही रोती रही रात भर साथ रही तन्हाई

kavita1980 के द्वारा
February 7, 2014

ख्वाब जागती आँखों के – दूर हो तुम ,तो समझा लेती हूँ दिल को , पास आके भी जो दूर होगे तो क्या करूंगी ;-? सपनो की दुनिया में जी रही हूँ टूट जायेंगे वो ख्वाब तो क्या करूंगी -? तुम हो मेरी सुबह का सपना -;सच नहीं है पर लगता है; कि सच ही होगा –उम्मीद पर इक जी रही हूँ –सपनो में तुमसे जुड़ रही हूँ नहीं चाहती हूँ कि टूट जाऊं –पर कैसे मैं ये तुम्हे बताऊँ -

chandreswar deepak के द्वारा
February 7, 2014

मेरी जमीं तुम हो , मेरा आसमां तुम हो। मेरा ख्बाब तुम हो, मेरा फलसफ़ा तुम हो। तुमको यक़ीन हो या न हो ” दीपक “: मेरा एक ही नहीं दोनों ही जहां तुम हो।

anant vaibhav के द्वारा
February 7, 2014

ऐ झील सी आँखों वाली सुनो तुम्हारी आँखों की इन भवरों ने मुझे इस कदर उलझाया है, ना मैं इनमे डूबना चाहता हूँ और ना ही बच के निकलना | तुम्हारा ये हँसता हुआ नूरानी चेहरा मुझे सम्मोहित किये हुए है जब मैं इसे पढने की कोसिस करता हूँ, तो लगता है की कहीं खो गया हूँ, जिस भूलभुलैया में मैं खोया हूँ वहां एक चेहरा दिखता है , और मैं बिना पलक झपकाए उस चेहरे को देखता रहता हूँ, बस देखता रहता हूँ | तुम्हारी इस मुस्कान का क्या कहना, ऐसा लगता है की खुदा ने बनाया ही है तुझे बस मुस्कुराने को, इस मुस्कान को जब भी देखता हूँ, तो बस यही मांगता हूँ उस खुदा से, तू मुस्कुराती रहे, हर पल मुस्कुराती रहे |

निगम राहत के द्वारा
February 7, 2014

बहुत बढिया लिखा है आपने 

रोहित शर्मा के द्वारा
February 7, 2014

बेहतरीन लेखन, हैप्पी रोज़ डे

himmat jaithwar के द्वारा
February 7, 2014

“कहने को कुछ नहीं बस मेरी दर्द भरी कहानी है ,सूनी है मेरी ज़िन्दगी और आँखों में बस पानी है ,खता बस इतनी सी है ऐ मेरे खुदा एक चाहत की थी किसी को पाने की ,बस ये ही तमन्ना थी किसी के साथ जिंदगी बिताने की ,पता क्या था मुझे की ये ही मेरा कसूर होगा ,जिसको अपना समझा उसी से ही फरेब होगा ,ख़ुशी की चाहत हम जिससे कर बैठे थे उसी की दी दगा से हमे मिली ये वीरानी है ,बस ये ही मेरी दर्द भरी कहानी है, और इसलिए ही मेरी आँखों में आज पानी है “।

Ankuj saini के द्वारा
February 7, 2014

hi my name is Ankuj saini nd i love a girl i do’nt know she love me or not bt i love her too much i can’t explain here i have not words to explain my love

rekhafbd के द्वारा
February 7, 2014
vandaanagoyal के द्वारा
February 7, 2014

ज्जाने कब कौन जिंदगी का हिस्सा बन जाये….. ‘टूटती बिखरती संवरती कुम्हार की माटी सी,? जलती ,पिधलती संवरती मोम की बाती सी खोल पलको के किवाड वो… च्ुापके से आ जाती है वो ख्बाबों में मेरे। कभी सोचा ही नहीं था कि दिल के दरवाजों को खोल कर उन्हें इतनी आजादी दूगी कि वो अपनी भावनाओं को अभिवयक्त कर सके, पर सोचने से ही अगर सब कुछ हो जाता तो जीवन में कुछ भी अंसम्भव नही होता…न चाहते हुए भी वो दिल के जाने कौनसे दरिचों से एक मधुर संगीत की तरह एक ठंडे हवा के झोंके के तरह मेरे मन मस्तिश्क में अपना धर कर गयें। मैं उस प्यार को समझ पाती, जान पाती या उस अहसास को कोर्इ नाम दे पाती इससे पहले ही मैं उसकी गिरफत में थी, जाने क्यों वो कैद अच्छी लग रही थी, मन के किसी कोने से ये आवाज आ रही थी कि काष ये कैद उम्रभर के लिये हो, वो दर्द भी उस वक्त अजीज लग रहा था जिसे मैं महसूस कर रही थी, मेरी निगाहों मे ंएक खुमार था पर पता नही वो कया था, पर देखने वालो ने मुझे बताया वो प्यार था, ववो प्यार था…..अगर वो सच में प्यार था तो मुझे ये अहसास इतना बाद में क्यों हुआ सच! प्यार कब हो जाता है कोर्इ नही जानता लेकिन जब हो जाता है तो खुद के सिवा सारे जमाने को पता चल जाता है। प्यार है ही एक ऐसा एहसास जो तब होता है जब हम खुद में नही होते?काष—प्यार सबके जीवन में होता।

gopalji54 के द्वारा
February 7, 2014

कुछ जीतने की चाह नहीं आपके बिनाँ…… Valentine कांटेस्ट

    mahaveer के द्वारा
    February 7, 2014

    kash meri life me bhi koi aye


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran