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उभरता बिहार - सुशासन और प्रगति की नई मिसाल या सिर्फ एक छलावा ??

Posted On: 25 Jun, 2012 Others में

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प्रिय पाठकों,

कुछ समय पहले तक केवल गरीबी, भुखमरी और प्रवासन का पर्याय बन चुका बिहार, आज भारत के सबसे अधिक विकासशील राज्य के तौर पर अपनी पहचान स्थापित कर चुका है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन द्वारा हाल ही में जारी रिपोर्ट के अंतर्गत 13।1 जीडीपी दर के साथ बिहार को लगातार दूसरी बार देश के सबसे अधिक और तेजी से विकसित होते राज्य का दर्जा दिया गया है। इस नवीन और पूरी तरह परिवर्तित बिहार को भारत की टाइगर इकॉनोमी बनाने का संपूर्ण श्रेय राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ही जाता है, जिन्होंने बिहार की डोर उस समय संभाली जब वह स्वयं अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा था। आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि इस नवीन बिहार के सामने ब्रैंड गुजरात की चमक भी फीकी पड़ती जा रही है।


बिहार राज्य में होते इस परिवर्तन और सुधरते आर्थिक हालातों के कारण बिहार से दूसरे राज्यों में प्रवासन के आंकड़ों में महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। पहले जहां अपनी बदहाली से आहत लोगों को विवश होकर अपना घर और परिवार छोड़कर दूसरे राज्यों में काम की तलाश में जाना पड़ता था, आज वहीं जब उन्हें बिहार में पर्याप्त संसाधन और रोजगार मुहैया करवाया जाने लगा है तो अन्य शहरों में जा बसे लोग वापस अपने घरों की ओर रुख कर रहे हैं। आंकड़ों की मानें तो मनरेगा और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की अत्याधिक सफलता भी बिहार की विकास पर अपनी मुहर लगाती है।


उल्लेखनीय है कि ना सिर्फ सरकारी आंकड़े बिहार की इस सफलता को बयां कर रहे हैं बल्कि मीडिया और अन्य प्रचार माध्यम भी नवीन बिहार के परिवर्तित हालातों को नीतीश कुमार की सफलता बता रहे हैं। उनका तो यह तक कहना है कि पहले जहां बिहार के दयनीय हालातों से त्रस्त लोग अपने क्षेत्र में व्याप्त अराजकता के कारण अपनी पहचान छिपाते फिरते थे आज वहीं उन्हें खुली और आजाद हवा में सांस लेने का अवसर मिला है।


लेकिन क्या यह आंकड़े सही हैं या फिर कोई राजनैतिक लॉलीपॉप? बहुत से लोगों का यह कहना है कि भले ही आरजेडी की तुलना में जनता दल (यूनाइटेड) के शासन में बिहार के स्वरूप में परिमार्जन देखा गया है लेकिन उसे बढ़ाचढ़ा कर पेश किया जा रहा है। क्योंकि ना तो प्रवासन की गति में कोई कमी आई है और ना ही सड़कों का सही तरीके से निर्माण किया गया है। सड़कों का काम शुरू तो जरूर हुआ लेकिन बीच में ही उसे रोक कर यह प्रचारित किया गया कि अब बिहार में भी पक्की सड़के बन गई हैं। वहीं दूसरी ओर मनरेगा और अन्य पीडीएस प्रणाली में व्याप्त धांधली भी जस की तस है। इसीलिए यह सरकारी आंकड़े जनता को सत्य ना बताकर भ्रम की स्थिति में उलझा रहे हैं।


विकासशील बिहार से जुड़े इस मसले पर चर्चा करने के बाद कुछ महत्वपूर्ण सवाल हमारे मस्तिष्क में उठते हैं, जिनका जवाब ढूंढ़ना वर्तमान समय की जरूरत बन गया है, जैसे:

1. क्या वास्तव में सरकारी आंकड़े सच्चाई और पारदर्शिता के साथ जनता के समक्ष बिहार के परिवर्तित हालातों को बयां कर रहे हैं या फिर जमीनी सच्चाई कुछ और है?

2. क्या सच में नीतीश कुमार के कार्यकाल में बिहार के लोगों की रोजगार जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति हुई है?

3. नरेंद्र मोदी की तरह क्या नीतीश कुमार भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए अपने प्रदेश को ब्रैंड गुजरात की तर्ज पर ब्रैंड बिहार बनाने में सक्षम हो पाएंगे?

4. क्या अब बिहार के लोग अपने क्षेत्र के हालातों और नीतीश कुमार के नेतृत्व से खुद को सुरक्षित पाते हैं?


नोट: उपरोक्त मुद्दे पर आप कमेंट या स्वतंत्र ब्लॉग लिखकर अपनी राय व्यक्त कर सकते हैं। किंतु इतना अवश्य ध्यान रखें कि आपके शब्द और विचार अभद्र, अश्लील और अशोभनीय ना हों तथा किसी की भावनाओं को चोट ना पहुंचाते हों।



धन्यवाद

जागरण जंक्शन परिवार



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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

mithilesh kumar singh के द्वारा
June 30, 2012

1. क्या सच में नीतीश कुमार के कार्यकाल में बिहार के लोगों की रोजगार जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति हुई है?हा 2. नरेंद्र मोदी की तरह क्या नीतीश कुमार भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए अपने प्रदेश को ब्रैंड गुजरात की तर्ज पर ब्रैंड बिहार बनाने में सक्षम हो पाएंगे?हा 3. क्या अब बिहार के लोग अपने क्षेत्र के हालातों और नीतीश कुमार के नेतृत्व से खुद को सुरक्षित पाते हैं?हा

Prashant sharma के द्वारा
June 25, 2012

Hi my name is Prashant Sharma, i am from Vaishali Dist., i am living in Muscat. yes i agree that there are lots of changes in Bihar as per my knowledge, but still many thing are pending like poor people are still moving to other state like punjab , Maharashtra etC to work. If you see in Bihar there could be big opportunity for them but peoples are not improving them self in this case what Govt. can do. Still lots of corruption are there, from lower to higher level you cant complete your job without paying the bribe, i know this situation are all around but i just analyze Bihar has some more.

Prashant sharma के द्वारा
June 25, 2012

Hi my name is Prashant Sharma, i am from Vaishali Dist., i am living in Muscat. yes i agree that there are lots of changes in Bihar as per my knowledge, but still many thing are pending like poor people are still moving to other state like punjab , Maharashtra ect to work. If you see in Bihar there could be big opportunity for them but peoples are not improving them self in this case what Govt. can do. Still lots of corruption are there, from lower to higher level you cant complete your job without paying the bribe, i know this situation are all around but i just analyze Bihar has some more.

    Mohammad Javed के द्वारा
    June 26, 2012

    Thanks my brother for above comment. My name is Mohammad Javed, posted in Bahrain. I am also from Bihar (Chhapra). As per ur knowledge, I would like to say that where there is a lot opportunity in Bihar?? 1. jab Nitish babu ki sarkar bani tab, hamare Vice Chief Minister ne kaha tha ki january 2011 mein teacher ki vacancy niklegi aur may 2011 mein joining ho jayegi. lakin aap ko jaan kar hairani hogi ki TET aur STET ka result last mahine 2012 mein aaya hain, joining ka pata nahi, Ram baroshe kabhi ho sakta hain. mujhe yakin hain ki bahali CM k election k baad hi hogi. 2. Hamare yaha sarko ka vistar ho raha hain, State Givt. se balki Central Govt. se. 3. Hum pahle bhi Poverty, Corrouption, Bribe, Criminals etc se pahle bhi jujhte the aur aaj bhi halat aise hi hain. 4. Pahle ek jaati, aawasiye, babane k liye 20INR ghus lagta tha 100INR lagta hain, Nitish Babu k raaj mein. Clerk kahta hain ki mahngae badh gae hain. 5. Aaj bhi mnrega mein afsaro ki loot lagi hain. 6. Main accept karta hu ki aaj AFSAR SAHI hain na ki NETA SAHI lakin zamini sach to yah hain ki, AFSAR SAHI mein GHUSKHORI jyada hain. YE HAMARE CM SAHEB KARTE KAAM KAM PAPER BAAJI JYADA KARTE HAIN. YE LOKTANTRA HAIN KOI KUCH BOL SAKTA HAIN, LAKIN KOI KUCH KAR NAHI SAKT. aur bhi bahut saari cheeje hain. But it is true that this government is quite good than previuos. Thanks Mohammad Javed Jai Hind


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