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मंच के सम्मानित सदस्यों से अपील

Posted On: 1 May, 2012 Others में

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आदरणीय पाठकों,


जागरण जंक्शन मंच ब्लॉगिंग विशेषकर हिंदी ब्लॉगिंग के क्षेत्र में उच्चतम मानकों के अनुसरण के साथ सर्वश्रेष्ठ मंच बन कर उभर रहा है। मंच के इस विस्तार और गुणवत्ता के साथ इसका प्रभाव स्थापित करने में आप सभी सम्मानित रचनाकारों का विशेष योगदान रहा है इसलिए ये आशा की जाती है कि बहुत शीघ्र ये मंच ब्लॉगिंग के क्षेत्र में एक ऐसी मिसाल कायम कर लेगा जिस पर आप सभी को बेहद गर्व होगा।


किंतु मंच की द्रुतगामी प्रगति में कुछ ऐसे बाधक तत्व हैं जिनसे मंच के सभी जिम्मेदार सदस्यों को बचने के साथ-साथ उन्हें दूर करने के उपाय सुझाते रहना होगा। इसके अलावा सदस्यों को इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि किसी सदस्य की कोई भी गतिविधि मंच की मर्यादाओं और गरिमा के विरुद्ध ना हो।


जागरण जंक्शन मंच आप सभी पाठकों और लेखन के प्रति समर्पित रचनाकारों का अपना मंच है इसलिए हम सभी की ये जिम्मेदारी बनती है कि मंच की प्रतिष्ठा को बनाए रखने की हर संभव कोशिश करें और मंच पर प्रदार्पित अवांक्षित तत्वों की उपेक्षा करें साथ ही अपने स्तर पर पहल करके उन्हें हतोत्साहित करने का प्रयास करें। यदि अराजक तत्वों पर आप अपने स्तर से लगाम नहीं लगा पाते तो अविलंब मंच को सूचित करें ताकि उनके विरुद्ध समय रहते कार्यवाही की जा सके।


इसके अलावा हमारा आप सभी प्रबुद्ध रचनाकारों से हार्दिक अनुरोध है कि मंच पर वाद-विवाद और बहस के दौरान भाषा का आदान-प्रदान इस प्रकार रखें ताकि कोई मर्माहत ना हो बल्कि उसके उत्साह में वृद्धि हो। अकसर देखा जाता है कि ब्लॉगिंग के दौरान कुछ सदस्य अपने प्रभाव में वृद्धि के लिए कुछ ऐसे तरीके अपनाते हैं जिनकी सभ्य समाज में निंदा की जाती है इसलिए उन्हें भी मंच की ओर से सलाह दी जाती है कि वे स्वयं निष्पक्षता से अपनी प्रवृत्ति की जांच करें और कमी परिलक्षित होने पर स्वयं ही पहल करके उसे दूर करें।


हमारा ये मानना है कि आपको जो सुविधा प्रदान की गई है उसका उपयोग आप सार्थक संवाद में करें ना कि व्यक्तिगत आलोचना और व्यर्थ के वाद-विवाद में करके इसे निष्प्रभावी बनाएं। ऐसा तभी संभव है जबकि हममें से हरेक अपनी-अपनी जिम्मेदारी के एहसास से ओत-प्रोत होगा और तभी हम इस मंच के माध्यम से दुनिया में परिवर्तन की अलख जगा सकने में सफल हो सकेंगे।


धन्यवाद

जागरण जंक्शन परिवार




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14 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

dineshaastik के द्वारा
June 8, 2012

आदरणीय जागरण  जंक्शन परिवार, आपने असभ्य भाषा में प्रतिक्रियायें देने वालों पर जो कार्यवाही की है, उसके लिये आपका हृदय से आभार। मुझे ऐसा लगता है कि मंच  के कुझ  सम्मानीय  सदस्य  फर्जी नाम  से अशोभनीय  प्रतिक्रियायें करते हैं। कृपया इस  ओर ध्यान  देने की कृपा  करें। एक  आदरणीय  ब्लॉगर ने अपने ब्लॉग  पर पूनम  पांडे का वस्त्रहीन चित्र लगा रखा है। कृपया इस  ओर भी ध्यान  दें तो आपकी अति कृपा होगी।

alkargupta1 के द्वारा
May 7, 2012

माननीय महोदय , मंच की गरिमा बनाये रखने के लिए अनापेक्षित व अवांछित तत्वों के प्रति सार्थक कदम उठाये जाने हेतु हार्दिक आभार

akraktale के द्वारा
May 6, 2012

सादर, आपके सुझाव सही हैं किन्तु फिरभी मै कहना चाहता हूँ कि यदि आपकी संज्ञान में स्वतः या किसी के द्वारा बताने पर कोई ऐसा ब्लोगर आता है जो अनुचित भाषा का प्रयोग कर रहा है तो उसके ब्लॉग पर या उसके ब्लॉग से प्रतिक्रया का सिलसिला कम से कम दो दिन के लिए बंद कर दिया जाए तथा उसको सख्त चेतावनी भी दी जाए. जिससे स्वानुशासन के अतिरिक्त एक कानूनी डंडा भी सर पर रहेगा. जो मंच के सौहाद्र को बरकरार रखने में मदतगार साबित होगा. धन्यवाद.

ajaydubeydeoria के द्वारा
May 2, 2012

पाठकों के द्वारा सूचना प्राप्त होने से पहले ही आप संपादक मंडल को ऐसे ब्लॉग को खुद संज्ञान मे ले लेना चाहिए और या तो उनको कड़े शब्दों मे माना करना चाहिए या ऐसे ब्लॉग को बैन कर देना ही उचित होगा | या ऐसे ब्लॉग के कमेन्ट बंद होने चाहिए जिससे कि विवाद कि स्थिति न बने | उम्मीद है आप इस बात को अपने संज्ञान मे लेकर उचित कार्यवाही करेगे | धन्यवाद

aryan dixit के द्वारा
May 2, 2012

जे जे परिबार है यदि इस परिबार का कोई भी सदस्य अपशब्दों का प्रयोग करेगा तो पुरे परिबार की इज्जत पर खतरा पर्दाने लगेगा .ऐसे में हम-आप की जिमेदारी यही है की अपनी मर्यादा मैं रहकर अपनी रचना को प्रस्तुति प्रदान करे. m.nृ9044204089

nishamittal के द्वारा
May 2, 2012

मान्यवर महोदय,सर्वप्रथम तो आभार एक सकारात्मक पहल हेतु कृपया व्यवहारिक रूप से इस प्रयास को सफल बनाकर मंच की गरिमा को बनाये रखने का प्रयास करें

कुमार गौरव के द्वारा
May 2, 2012

आदरणीय जेजे परिवार नमस्कार महोदय, आपका ये सन्देश बिलकुल सही समय पर प्रसारित हुआ है| आपका ये निर्देश एक चेतावनी है उनके लिए जो अपनी संकुचित बुद्धि को न समझते हुए अनर्गल प्रलाप करते हैं| मैंने हमेशा ये कहा है की – अपने शब्दों को इतना भी अनियंत्रित नहीं छोड़ देना चाहिए की वो किसी की धार्मिक, सामाजिक, जातीय या व्यक्तिगत भावनाओं पर आघात कर दें| आपसे इतना ही आग्रह है की ऐसी घटनाओं पे स्वतः संज्ञान लें, किसी की लिखित शिकायत आने का इंतजार न करें| धन्यवाद |

May 2, 2012

सम्पादक मंडल के ध्यानार्थ भाषा तो भावाभिव्यक्ति का एक माध्यम मात्र है. भाषा यदि थोड़ी विचलित होती है, तो क्षम्य है. किन्तु भाव जो प्रकट में तो उच्च स्तरीय लगता है किन्तु उसका अश्लील भाव अपना दूर गामी परिणाम छोड़ता है. उसका ध्यान रखें. विद्वता प्रदर्शन भाषा से नहीं बल्कि उस रचना में समाहित भाव से प्रकट होता है. लिखने के उद्देश्य से परिलक्षित होता है. तथा उस रचना के छद्म मंचन से होता है. आप ने पाठको से राय पूछी, मैंने भी अपनी राय दे दी. आप नहीं पूछते राय नहीं देता. तो यदि आप राय पूछते है तो फिर अपनी गलती के उजागर होने से चिढते क्यों है? ठीक उसी प्रकार यदि कोई ब्लॉगर किसी से अपनी राय पूछता है तो सच्चाई सुनने एवं उसे आत्म सात करने की भी शक्ति रखे. या फिर राय ही न पूछे. आप ब्लागर्स को यह स्पष्ट निर्देश दें क़ि यह एक ऐसा मंच है जहां हर एक को अपने भावो को रखने की भरपूर स्वतन्त्रता दी गयी है. इतना अवश्य है क़ि ओछी हरक़त एवं घिनौने भावो को जिसे आज हर एक व्यक्ति समझने में समर्थ है, इस मंच पर न रखें. अपनी लोक प्रियता बढाने एवं येन केन प्रकारेण पुरस्कृत होने की होड़ में यह न भूलें क़ि आप से कही करोड़ गुना बेहतर लिखने वाले एवं विद्वान इसी मंच पर पड़े हुए है. दूसरी बात यह क़ि इस मंच को कूटनीतिक षडयंत्र एवं आज की गिरी हुई भारत की ओछी राजनैतिक दिशा जैसी राह का शिकार न बनाएं. यह भारत का संसद नहीं है जहां बहुमत से किसी भी बेवकूफ एवं अनपढ़ को भी मंत्री मंडल सौंप दिया जाता है. बहुमत विद्वता का नहीं बल्कि एक समुदाय विशेष का प्रतिनिधित्व करता है. आस मान में तारे बहुत होते है. बहुमत उनका ही होता है. किन्तु एक सूरज के उदय होते ही सब शर्म से मुंह पर अंधाकार की कालिख पोत लेते है.

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
May 2, 2012

मर्यादित कलम काफी है . जरा आप भी ध्यान रखें. इंगित करेंगे तो हमें भी आसानी रहेगी. आभार आपकी सह्रदयता का . इस पवित्र मंच में स्वयं की इतनी अग्नि है की ऐसे तत्व स्वयं भस्म हो जायेंगे.

aryan dixit के द्वारा
May 1, 2012

ब्लॉग लिखने बाले रचनाकारों को मर्यादा में रहना चाहिये जिससे बे समाज पर अच्छा प्रभाब पड़े .

ANAND PRAVIN के द्वारा
May 1, 2012

सम्मानित जे जे परिवार की एक सार्थक पहल………..स्वागत योग्य

ajaydubeydeoria के द्वारा
May 1, 2012

सही समय पर सही पहल. यह सत्य है कि इस समय कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा इस मंच की गरिमा को ठेस पहुंचाई जा रही है. जो कि निंदनीय है. आपने एक सार्थक पहल की है. आभार………

Mohd Haneef "Ankur" के द्वारा
May 1, 2012

आदरणीय जे.जे साहब सादर नमस्कार- बहुत ही सही बात की ओर आकर्षित कराया. ये बात सत्य है मंच कुछ अराजक तत्व रचनाकारों की भावनाओं को आहत करने का काम कर रहे है. हम आपको यकीन दिलाते है अगर ऐसे लोगों को नकार दिया जाये तो ये स्वतः ही यहाँ से पदार्पण कर जायेंगे. अपनी प्रतिभा को निखारने का इस मंच से उत्तम माध्यम कोई और हो ही नहीं सकता. मैं आपके एक एक निर्देश और मंच की मर्यादाओं का पूरा ख्याल रखूँगा.

चन्दन राय के द्वारा
May 1, 2012

आदरणीय सर , आपने अपने दायित्व का परिचय दिया , दिल बाग़ बाग़ हो गया , में भी आपके माध्यम से सबसे गुजारिश करना चाहता हूँ , कृपा मन ना हारे सुख , दुःख , अच्छा, बुरा , पाप , पुण्य , सब की सब प्राकर्तिक प्रकिरिया है , इन्हें होने दिजिय , आप क्यूँ इसमें व्यर्थ अपना अनमोल समय बिता रहे /रही है , आप सोचीय जैसे इस संसार में हो रहा , उसे यदि भगवान् दिल में रख ले तो , बस फिर तो हो लिया काम , पुनह आप सब से गुजारिश अच्छा लिखीय , खूब लिखीय


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