blogid : 147 postid : 923

शब्दों में बयां करें जंक्शन के साथ बिताए खट्टे-मीठे पल

Posted On: 3 Apr, 2012 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

सुझाएं कैसे बनाएं हम इन पलों को और भी यादगार


प्रिय पाठकों,

ब्लॉग जगत में जिस धमाकेदार अंदाज में जागरण जंक्शन द्विभाषीय ब्लॉग मंच का आगमन हुआ उससे साहित्य व लेखन की विविध शैलियों में हजारों उत्कृष्ट रचनाकारों और अनेकों ऐसे नए व लेखन की शुरुआत करने वाले लेखकों को एक विशिष्ट मंच प्राप्त हुआ जहां पर उन्हें सारी दुनिया के साथ अपने विचारों को साझा करने का अवसर मिला। अपने दो वर्षों से अधिक के विकासावधि के दौरान मंच ने विविध वैश्विक आयामों को छुआ तथा ब्लॉग साहित्य के नए रंग- रूप व चित्ताकर्षक पृष्ठभूमि का सृजन किया।


यह मंच नैष्ठिक व प्रतिबद्ध रूप से निरंतर कड़े मानदंडों को अपनाने के साथ ही सभी सम्मानित सदस्यों व रचनाकारों की रचनाओं के प्रचार-प्रसार में संलग्न रहा है तथा मंच स्वयं के लिए भी ऐसे संसाधनों और परिवर्धनों को समय-समय पर प्रतिष्ठित करता रहा है जिनसे पाठकों को सहज, सुविधायुक्त अनुभव प्रदान किए जा सकें।


इन विभिन्न मानदंडों व स्थापनाओं के साथ ही मंच ने श्लील, मर्यादित व गरिमायुक्त वातावरण के विकास का भी प्रयास किया है ताकि ब्लॉग साहित्य जगत को एक विकासवान क्षितिज का अहसास हो और लोग उच्च स्तरीय कृतियों के सृजन में रूचि ले सकें।


उपरोक्त बातों को बताने के साथ ही अब मंच की अभिलाषा है कि आप सभी सम्मानित सदस्य इतने दिनों तक के सफरनामे पर अपना-अपना अनुभव लिखें साथ ही मंच की यह भी गुजारिश है कि आप भविष्य में चाहे जाने वाले विविध परिवर्तनों और मंच से अपनी आकांक्षाओं की चर्चा करें।


मंच के स्वरूप, विविध नव-प्रवर्तनों व तकनीकी सुविधाओं के विषय में आपके सुझाव-सलाह का मंच स्वागत करता है, साथ ही इस बात का भी विश्वास दिलाता है कि आपके द्वारा पेश किए गए सुझाव व सलाह का निरीक्षण करने के पश्चात उन्हें लागू करने की हर संभव कोशिश की जाएगी।


नोट: आप अपने सुझाव, सलाह या मंच पर हुए अब तक के अनुभव को एक अलग ब्लॉग के रूप में या टिप्पणी के रूप लिख सकते हैं। यदि आप स्वतंत्र ब्लॉग लिख रहे हैं तो शीर्षक के साथ “Feedback” अवश्य लिखें।


धन्यवाद

जागरण जंक्शन परिवार



Tags:                         

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

14 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

aryan dixit के द्वारा
May 6, 2012

जब मेरे मौत होगी=feedback जब मेरी मौत होगी ,………… आश्मान रोयेगा,,,,,,,,,,,,,, जमी भीग जाएगी……………………. दायरे टूटेंगे , नए मोड़ आयेंगे ,,,,,, एक गली थी , जहाँ तुम हमको छोड़ आये थे ,,,,, एक गली होगी जहाँ हम छोड़ आयेंगे……………………. मेरी आँखों में थोडा , दर्द होगा ……………..] और तोडी नमी होगी , आशामन रोयेगा जमी, जमी भीगी होगी…………………… आर्यन दीक्षित ‘मुशाफिर’ शाहजहांपुर poetaryandixit@gmail.com it’s my cuple di and my thinks

aryan dixit के द्वारा
May 5, 2012

galti se aryan ke sthan par ashish likh gaya hai maaf karen.

ashish dixit के द्वारा
May 5, 2012

sabhi blogers se prtikriya ki apeccha karata hun aapaka chota bhai aryan dixi’ ‘mushaphir’

ashish dixit के द्वारा
May 5, 2012

                                 आँखों में छलक उठती है नमी-feedback आँखों में छलक उठती है नमी , तुम जब भी याद आ जाते हो , अब तो तडपाना छोड़ो मुझे , तुम कितना मुझको तड़पाते हो | कश्ती के किनारे छोड़ो तो , सागर के किनारे पा जाओगे , हम भी तुमको फिर याद आयेंगे तुम भी हमको फिर याद अओंगे| हम तो चलो एक मुशाफिर है हम तो यहाँ से चले जायेंगे, तुम भी हमको फिर याद आयेंगे , तुमभी हमको फिर याद आओगे | for j.j paribar and my life aryan dixit shahjahanpur poetaryandixit@gmail.com

yogeshkumar के द्वारा
April 26, 2012

यहाँ पर सबसे बड़ी खामी तो ये देखी है कि जब कोई पाठक किसी ब्लॉग पर कमेन्ट करता है…. तो ब्लॉगर ने या किसी दूसरे पाठक ने उसपर क्या प्रतित्क्रिया दी है..ये पत्र नहीं चल पाता है.. जैसा फेसबुक में होता है…. एक नोटिफिकेशन आ जाता है… हमारी प्रतिक्रिया पर दूसरे का…. ये भी यहाँ होना चाहिए ……

Jayprakash Mishra के द्वारा
April 25, 2012

महोदय जागरण के साथ एक ही खट्टा अनुभव हुआ है कि आप  कविताओं को तरजीह नहीं देते हैं और गजल को तो कभी देखते  ही नहीं. आप मेरी गजलें पढ़कर बताइये कि वे स्तरीय हैं या नहीं. य़ह भेदभाव समाप्त किया जाये एवं किसी भी विधा की उत्कृष्ट रचना को प्रोत्साहित किया जाये

Jayprakash Mishra के द्वारा
April 25, 2012

महोदय,  लगता है आप ब्लाग प्रतिक्रयाओं के आधार से देखते हैं और  कभी - कभी अच्छी रचनायें अनदेखी रह जाती हैं.

चन्दन राय के द्वारा
April 21, 2012

महोदय , मेरा आपसे नर्म निवेदन है की satsakshi ik लेखक इस मंच पर है जो बहुत अच्छा लिखते हैं , में नहीं जनता वो कौन है , पर उनके लेख इतने सुद्ध रूप में लिखे है की आप की अनुकम्पा के प्रसाद के अधिकारी है ,

चन्दन राय के द्वारा
April 12, 2012

और सबसे सुन्दर सुझाव देने वाले बन्धु को सम्मानित कर आप इस पल को और यादगार बना सकते है

चन्दन राय के द्वारा
April 9, 2012

और ब्लॉग के MAIN PAGE पर रचनाकारों की सूचि नाम की HEADING हो जिस पर CLICK करने पर इक पेज रचनाकारों के नाम की सूची का खुले , और वर्तमान समय में कुल रचनाकारों की संख्या इत्यादि

चन्दन राय के द्वारा
April 6, 2012

महोदय , में चाहता हूँ की आप featured Reader blog के coloumn को लम्बा कर दे , क्यूंकि उस पंक्ति में निचे जगह होने से और भी गुंजाइश है ,featured Reader ब्लॉग की संख्या बढ़ाये , और इक सुझाव बेस्ट ब्लॉगर ऑफ़ वीक reader द्वारा चुना हुआ भी हो .अर्थात इक आप संपादको द्वारा और इक reader द्वारा , क्यूंकि कई बेहतरीन आलेख आप की नजरो में नहीं आ पाते, और समाचार पत्र में जागरण junction ke sath Reader Blog likha , jisse नव लेखको को इस मंच का बोध हो सके , और इक रोष मूलत: इस मंच पर कविओं को आप जाने क्यूँ तवज्जो नहीं देते , ना ही वो सम्मान , जबकि कवी घंटो परिश्रम कर के गढ़ता है कविता

    aryan dixit के द्वारा
    May 7, 2012

    ”””””हम दायरों मैं कैद रहने रहने बाले नहीं है…………. हम तो खुली आबाज से आगाज करते है””……………….. चन्दन जी, नमस्कार हमारी उम्र अभी १६ बर्ष की है मैं चाहता हु की मैं अपने कोशिशों से इस दुनियां के हर एक इन्शान को खुश रहना दूँ……………. चन्दन जी आप एक अच्छे ब्लोगेर है उम्मीद करता हूँ की आप मेरे ब्लॉग के दर्शन करें तथा मेरे भाबों को अधिक से अधिक लोगोन तक पहुचाएंगे………………. धन्यवाद……

vivek1959 के द्वारा
April 4, 2012

जागरण ब्लाग कम्प्यूटर पर साझा हिन्दी ब्लाग के रूप में बहुत महत्वपूर्ण है . हिन्दी के पुराने कई ब्लाग एग्रीगेटर बंद हो जाने से यह और भी महत्वपूर्ण बन गया है . कृपया राइट क्लिक पर कापी करने की सुविधा सुलभ करवायें , इससे हिन्दी का विस्तार ही हैव उपयोग कर्ता को थोड़ी सी सरलता भी . निवेदन है कि हिन्दी किताबें ई बुक के रूप में या ब्लाग रोल के रूप में सुलभ करवायें . मै पिताजी प्रो सी बी श्रीवास्तव कृत गीता हिन्दी पद्यानुवाद , मेघदूत हिन्दी पद्यानुवाद तथा रघुवंश हिन्दी पद्यानुवाद इस रूप में प्रस्तुत करवाना चाहता हूं .

चन्दन राय के द्वारा
April 3, 2012

महोदय प्राय यह देखा गया है की समय के आभाव में हम चाह कर भी कई अच्छे लेख पर टिपण्णी या उसका सब्द्पान करने से वंचित रह जाते है , मेरा यह सुझाव है की आप कमेंट्स के शब्दों की संख्या को फिक्स कर दें, और यदि कोई अपने कमेंट्स देता है तो जिस लेख या लेखक पर कमेन्ट पर किया गया है , उसका एक Auto Reply generate हो जाये , ताकि हम और रचनात्मक सहयोग कर सके , महत्वपूर्ण और श्रेय पाने वाले आलेखों पर टिपण्णी कर सकें , मेरे जीवन में मेरे साहित्य क्षेत्र में कुछ बड़ा करने का जो सहयोग आपका है वो किसी प्रथम प्यार की तरह है , आपने मेरे लेखनी में मौका देकर एक नवप्राण मुझमे फूंक दिया है , में जिन्दगी भर इस सहयोग को भुलाने वाला नहीं हूँ पर कई बार जब मेरे रचना बिना सराहना के रह जाती थी तो कंही न कंही टीस होती थी , और इक बात हो सके तो समाचार पत्र जागरण junction के sthan को thoda chamkaye , और jagah bathaye


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran